छठ महापर्व का समापन धूमधाम से भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ
दिल्ली । छठ के लिए एकजुट होना पुरबिया अस्मिता और संस्कृति की पहचान है । लोक आस्था का प्रतीक यह महापर्व भारत के बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, और नेपाल के तराई क्षेत्रों में उल्लास और निष्ठा के साथ मनाया जाता है। पूर्वांचल वासियों का नहाने खाने के साथ शुरू होने वाला छठ महापर्व का समापन धूमधाम से भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान व्रतधारी महिलाओं ने पूरी आस्था से शाम को


प्रसाद बना कर खरना किया कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर सपने की सुबह उदय होते सूर्य भगवान को अर्ध्य दिया गया। गौरतलब है कि रोग से मुक्ति, संतान तथा सभी प्रकार की मनोकामना की पूर्ति करने वाला छठ मैया और सूर्य भगवान की उपासना का महापर्व दिल्ली के घाटों पर लगभग चालीस लाख लोगों ने मनाया।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा हाथी घाट, कुदसिया घाट गीता घाट, सूर घाट, सोनिया विहार के अनेकों घाट सहित 1105 घाटों पर बिजली, पानी, चल शौचालय, टेंट ,लाउडस्पीकर के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा किट का प्रबंध भी किया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पूरी तरह चाक चौबंद दिल्ली पुलिस द्वारा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे भीड़ में होने वाली हर हरकत पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भारी संख्या में महिला तथा पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निरंतर पूजा समितियों के पदाधिकारियों पर संपर्क में रहे ताकि किसी प्रकार की भी चूक ना रह जाए जिन स्थानों पर पानी गहरा था और जहां श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा थी वहां एनडीआरएफ तथा गोताखोरों की टीमें तैनात की गई थी।
