लघु एवं सीमान्त किसानों के लिए पेंशन योजना
जौनपुर (सू0वि) । बहुप्रतिक्षित प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना के तहत जिले में भी लघु व सीमांत किसानों को मासिक पेंशन दिए जाने के लिए अंशदान निवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवच व वृद्धावस्था में आय के साधन उपलब्ध कराए जाने में योजना कारगर साबित होगी। इसके तहत किसानों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद तीन हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिल सकेगी।
जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने बताया कि यह एक स्वैच्छिक स्कीम है, जिसके तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के महिला व पुरुष किसान निर्धारित 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की तय धनराशि को प्रति माह अंशदान के रूप में जमा करना होगा। प्रतिमाह लाभार्थी की ओर से दिए जाने वाले अंशदान के बराबर ही सरकार की ओर से भी धनराशि जमा की जाएगी। किसान को मासिक अंशदान हर माह की उसी तारीख को देना होगा जिस तारीख को पंजीयन किया गया है। इसके अलावा तिमाही, चारमाही या छमाही आधार पर भी अपने अंशदान का भुगतान कर सकते हैं।
योजना का संचालन कृषि, सहकारिता एवं कृषि, किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम की भागीदारी से किया जाएगा। योजना से जुड़ी सभी जानकारी भारत सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू पीएमकेएमवाई डाट जीओवी डाट इन https://pmkmy.gov.in/ पर उपलब्ध है। योजना में शामिल होने के लिए पात्र किसान अपने आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक के साथ स्थानीय कामन सर्विस सेन्टर (सीएससी)/राजकीय कृषि बीज गोदाम पर जाकर आंनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करा लें। जनपद के सभी विकास खण्डों में 30 एवं 31 अगस्त को कैम्प लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जायेगा आप सभी किसान भाईयों से अपील है, कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर पंजीकरण करायें और योजना का लाभ प्राप्त करें।
गाइड लाइन के मुताबिक राष्ट्रीय पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम स्कीम, कर्मचारी निधि संगठन स्कीम जैसी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु एवं सीमान्त किसान इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना व प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान धन योजना का लाभ लेने वाले किसानों के साथ बेहतर आर्थिक स्थिति वाले किसान भी योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकार के अधीन स्वायत्तशासी संस्थाओं के सभी सेवारत या रिटायर कर्मी भी योजना के दायरे में नहीं आएंगे। डाक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टेड एकाउन्टेन्ट और वस्तुकार जैसे पेशेवर जो पेशेवर निकायों में पंजीकृत हैं, और निजी प्रैक्टिस के माध्यम से अपना पेशा चला रहे हैं, को भी योजना का लाभ नहीं प्राप्त होगा।
